leleram
14th February 2007, 02:50 PM
लालू के सास-श्वसुर की रेल यात्रा ने खड़ा किया बखेड़ा
पटना/छपरा/सीवान। विवादों में घिरे रहने के अभ्यस्त रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव का सचमुच इससे चोली-दामन का रिश्ता है। मंगलवार को इनके सास-श्वसुर की हाजीपुर से सीवान तक कथित बिना टिकट यात्रा से उपजे विवाद ने तो यही प्रमाणित किया। करीब पूरे दिन राष्ट्रीय मीडिया में छाये रहे इस विवाद का पटाक्षेप सीवान में शिव प्रसाद चौधरी और महाराजो देवी के 2565 अपसंपर्क क्रांति संपर्क से उतर जाने के बाद हो गया। किंतु उसी कूपे में राज्य सरकार के एक मंत्री की उपस्थिति मीडिया के आक्रामक प्रचार से यह सवाल तो खड़ा हो ही गया कि लालू के ससुराल पक्ष के किसी सदस्य की लापरवाही का हिस्सा है अथवा किसी राजनीतिक विरोधी के षडयंत्र का हिस्सा।
घटनाक्रम के अनुसार रेलमंत्री के सास-श्वसुर हाजीपुर से सीवान जाने के लिए 2565 अप संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में सवार हुए। उनको बिठाने आए तीमारदार ने उन्हें वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के कूप में चढ़ाया। चेकिंग के दौरान आए टीटीई ने रेल मंत्री के सास-श्वसुर होने की जानकारी होने पर उन्हें वातानुकूलित प्रथम श्रेणी के कूपे में बिठा दिया। इसी कूपे में राज्य के कला, संस्कृति और खेल कूद मंत्री जनार्दन सिंह सिग्रीवाल यात्रा कर रहे थे। ट्रेन के छपरा पहुंचने के साथ यह मामला तूल पकड़ गया और राष्ट्रीय मीडिया की सुर्खी बन गया। राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्याम रजक का आरोप है कि यह सब सिग्रीवाल की साजिश का फल है। ट्रेन के छपरा पहुंचते ही मीडियाकर्मियों की भीड़ न जाने कहां से टूट पड़ी। भीड़ देख छपरा से चढ़े टीटीई ने उनसे टिकट मांगा तो वे हड़बड़ा गए और उन्होंने टिकट के बदले दवा दिखाते हुये कहा कि पटना से आकर कुछ लोग बैठा गए हैं। टीटी ने कहा कि उससे क्या होता है, आप नीचे उतरें। इसी बातचीत के दरम्यान जैसे ही उसे यह मालूम हुआ कि वे रेल मंत्री के सास-श्वसुर हैं तो उसके हाथ-पांव फूल गये और वह आगे कार्रवाई करने को कह कूपे से बाहर निकल गया। इसी बीच ट्रेन खुल गयी। इस बाबत स्टेशन अधीक्षक उमाशंकर प्रसाद ने कहा कि उनको यह जानकारी तो मिली है कि कुछ लोग बिना टिकट हैं उन्होंने कार्रवाई के लिये सिवान स्टेशन अधीक्षक को फोन कर दिया है। उन्होंने कहा कि जांच करने के लिये टीटी को भेजा गया था वह नहीं गया उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।
रेल मंत्री के श्वसुर शिव प्रसाद चौधरी ने मीडिया कर्मियों को बताया कि उनकी तबीयत खराब है और वे पटना दवा कराने गये थे। आज पटना से कुछ लोग उन दोनों को हाजीपुर में इस ट्रेन में बैठा गये हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें सिवान उतरना है। वहां से वे गोपालगंज के सेलारकला अपने गांव जायेंगे।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, वे दोनों बिहार संपर्क क्रांति के एसी बोगी ए/एच 1 में हाजीपुर से सिवान की यात्रा कर रहे हैं। उक्त जानकारी के बाद जब छपरा में हो -हल्ला होने के बाद वे दोनों सिवान रेलवे स्टेशन पर उतरे तो मीडिया कर्मियों ने श्री चौधरी से इस संबंध में पूछताछ की। मीडियाकर्मियों द्वारा उक्त सवाल करते हुए वे दोनों उलझन में पड़ गए तथा पास में टिकट होने की जानकारी दी। लेकिन उसी कोच में सवार एक टीटी ने बताया कि 1870 रुपये फाईन के साथ टिकट बना दी। उसने यह भी बताया कि यह टिकट किसी मनोज के नाम बनाया गया है लेकिन राशि का भुगतान श्री चौधरी के द्वारा किया गया।
बिना टिकट यात्रा करने की खबर मिलने के पश्चात जब सिवान स्टेशन पर दोपहर करीब एक बजे ट्रेन आयी तो डिब्बे से श्री चौधरी के निकलते ही मीडियाकर्मी सही तथ्यों की जानकारी के लिए उनके संग हो लिये। जब श्री चौधरी से पूछा गया कि आप का नाम क्या है और क्या आप रेलमंत्री के ससुर हैं तो उन्होंने साफ तौर पर रेलमंत्री का रिश्तेदार होने से इंकार किया। जब बिना टिकट यात्रा करने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा मनोज को टिकट बनाने के लिए भेजा था। टिकट उसी के पास है। जब मीडिया कर्मियों ने टिकट दिखाने की बातें कहीं तो उन्होंने लपेटा हुआ एक हल्के गुलाबी रंगों वाला कागज दिखाया। जब उसे खोलकर दिखाने की बातें कही गयी तो उन्होंने उसे दोबारा अपने पाकेट में रख लिया।
http://ind.jagran.com/news/statenews.aspx?id=3113730&stateid=4
[Wednesday, February 14, 2007 1:10:14 AM (IST) ]
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पटना/छपरा/सीवान। विवादों में घिरे रहने के अभ्यस्त रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव का सचमुच इससे चोली-दामन का रिश्ता है। मंगलवार को इनके सास-श्वसुर की हाजीपुर से सीवान तक कथित बिना टिकट यात्रा से उपजे विवाद ने तो यही प्रमाणित किया। करीब पूरे दिन राष्ट्रीय मीडिया में छाये रहे इस विवाद का पटाक्षेप सीवान में शिव प्रसाद चौधरी और महाराजो देवी के 2565 अपसंपर्क क्रांति संपर्क से उतर जाने के बाद हो गया। किंतु उसी कूपे में राज्य सरकार के एक मंत्री की उपस्थिति मीडिया के आक्रामक प्रचार से यह सवाल तो खड़ा हो ही गया कि लालू के ससुराल पक्ष के किसी सदस्य की लापरवाही का हिस्सा है अथवा किसी राजनीतिक विरोधी के षडयंत्र का हिस्सा।
घटनाक्रम के अनुसार रेलमंत्री के सास-श्वसुर हाजीपुर से सीवान जाने के लिए 2565 अप संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में सवार हुए। उनको बिठाने आए तीमारदार ने उन्हें वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के कूप में चढ़ाया। चेकिंग के दौरान आए टीटीई ने रेल मंत्री के सास-श्वसुर होने की जानकारी होने पर उन्हें वातानुकूलित प्रथम श्रेणी के कूपे में बिठा दिया। इसी कूपे में राज्य के कला, संस्कृति और खेल कूद मंत्री जनार्दन सिंह सिग्रीवाल यात्रा कर रहे थे। ट्रेन के छपरा पहुंचने के साथ यह मामला तूल पकड़ गया और राष्ट्रीय मीडिया की सुर्खी बन गया। राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्याम रजक का आरोप है कि यह सब सिग्रीवाल की साजिश का फल है। ट्रेन के छपरा पहुंचते ही मीडियाकर्मियों की भीड़ न जाने कहां से टूट पड़ी। भीड़ देख छपरा से चढ़े टीटीई ने उनसे टिकट मांगा तो वे हड़बड़ा गए और उन्होंने टिकट के बदले दवा दिखाते हुये कहा कि पटना से आकर कुछ लोग बैठा गए हैं। टीटी ने कहा कि उससे क्या होता है, आप नीचे उतरें। इसी बातचीत के दरम्यान जैसे ही उसे यह मालूम हुआ कि वे रेल मंत्री के सास-श्वसुर हैं तो उसके हाथ-पांव फूल गये और वह आगे कार्रवाई करने को कह कूपे से बाहर निकल गया। इसी बीच ट्रेन खुल गयी। इस बाबत स्टेशन अधीक्षक उमाशंकर प्रसाद ने कहा कि उनको यह जानकारी तो मिली है कि कुछ लोग बिना टिकट हैं उन्होंने कार्रवाई के लिये सिवान स्टेशन अधीक्षक को फोन कर दिया है। उन्होंने कहा कि जांच करने के लिये टीटी को भेजा गया था वह नहीं गया उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।
रेल मंत्री के श्वसुर शिव प्रसाद चौधरी ने मीडिया कर्मियों को बताया कि उनकी तबीयत खराब है और वे पटना दवा कराने गये थे। आज पटना से कुछ लोग उन दोनों को हाजीपुर में इस ट्रेन में बैठा गये हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें सिवान उतरना है। वहां से वे गोपालगंज के सेलारकला अपने गांव जायेंगे।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, वे दोनों बिहार संपर्क क्रांति के एसी बोगी ए/एच 1 में हाजीपुर से सिवान की यात्रा कर रहे हैं। उक्त जानकारी के बाद जब छपरा में हो -हल्ला होने के बाद वे दोनों सिवान रेलवे स्टेशन पर उतरे तो मीडिया कर्मियों ने श्री चौधरी से इस संबंध में पूछताछ की। मीडियाकर्मियों द्वारा उक्त सवाल करते हुए वे दोनों उलझन में पड़ गए तथा पास में टिकट होने की जानकारी दी। लेकिन उसी कोच में सवार एक टीटी ने बताया कि 1870 रुपये फाईन के साथ टिकट बना दी। उसने यह भी बताया कि यह टिकट किसी मनोज के नाम बनाया गया है लेकिन राशि का भुगतान श्री चौधरी के द्वारा किया गया।
बिना टिकट यात्रा करने की खबर मिलने के पश्चात जब सिवान स्टेशन पर दोपहर करीब एक बजे ट्रेन आयी तो डिब्बे से श्री चौधरी के निकलते ही मीडियाकर्मी सही तथ्यों की जानकारी के लिए उनके संग हो लिये। जब श्री चौधरी से पूछा गया कि आप का नाम क्या है और क्या आप रेलमंत्री के ससुर हैं तो उन्होंने साफ तौर पर रेलमंत्री का रिश्तेदार होने से इंकार किया। जब बिना टिकट यात्रा करने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा मनोज को टिकट बनाने के लिए भेजा था। टिकट उसी के पास है। जब मीडिया कर्मियों ने टिकट दिखाने की बातें कहीं तो उन्होंने लपेटा हुआ एक हल्के गुलाबी रंगों वाला कागज दिखाया। जब उसे खोलकर दिखाने की बातें कही गयी तो उन्होंने उसे दोबारा अपने पाकेट में रख लिया।
http://ind.jagran.com/news/statenews.aspx?id=3113730&stateid=4
[Wednesday, February 14, 2007 1:10:14 AM (IST) ]
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