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View Full Version : भारत में कंडोम ज़रूरत से ज़्यादा बड़े


Narad Muni
19th December 2006, 10:50 AM
भारत में कंडोम ज़रूरत से ज़्यादा बड़े

:w00t:
शोध के अनुसार भारत में ज़रूरत से बड़े कंडोम बिकते हैं
भारत में कराए गए एक सर्वेक्षण से पता चला है कि ज़्यादातर पुरुष ये मानते हैं कि बाज़ार में मिलने वाले कंडोम उनकी ज़रूरत से ज़्यादा बड़े है.
ये सर्वेक्षण भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने कराया है. भारतीय पुरुषों के लिए छोटे कंडोम उपलब्ध कराने की मांग के बाद ही ये अध्ययन कराया गया था.

पिछले दो वर्षों से भारत के वैज्ञानिक समुदाय का एक वर्ग एक बेहद मुश्किल काम में जुटा था. ये काम ना तो विज्ञान के क्षेत्र में किसी नई खोज से जुड़ा था और ना ही अंतरिक्ष में नई ग्रह की तलाश से.

असल में ये एक सावधानी भरा काम था जिसका उद्देश्य लोगों के लिंग का नाप लेना था.

थोड़ा झिझकते थोड़ा शर्माते हुए और लोगों से नज़र बचाते हुए देशभर से क़रीब 1200 लोग अपनी इच्छा से तैयार हो गए ताकि लिंग का नाप लेने के काम में वैज्ञानिको की मदद ले सकें.


शोध और इससे जुड़े विषयों पर आपकी राय

पूरी प्रक्रिया में इतनी सावधानी बरती गई कि इंच का छोड़िए मिलीमीटर तक का हिसाब रखा गया. शोध कर रहे वैज्ञानिकों ने इस बात का ध्यान रखा कि जिन लोगो के लिंग का नाप लिया गया वो देश के हर हिस्से, हर वर्ग और धर्म का प्रतिनिधित्व करते थे.

अध्ययन

लेकिन हिम्मत जुटा कर तैयार हुए लोगों के लिए इस शोध के नतीजे मायूसी भरे रहे. क्योंकि लोगों को ये जानकर निराशा हुई कि उनके लिंग का आकार अंतरराष्ट्रीय मापदंड पर 3 से 5 सेमी छोटा है.

इन अंतरराष्ट्रीय मापदंड का इस्तेमाल कंडोम बनाने में किया जाता है. यानी शोध के अनुसार भारतीयों के लिए उपलब्ध कंडोम उनकी ज़रूरत से थोड़े बड़े है.

इस मामले के विशेषज्ञ डॉक्टर चंदर पुरी भी इस बात से सहमत हैं कि भारतीयों की ज़रूरत के अनुरूप ही कंडोम बनाए जाने चाहिए ताकि उन्हें आराम रहें.

डॉक्टर पुरी के अनुसार अपेक्षाकृत बड़े कंडोम होने से लोग यौन संबंध का पूरी तरह आनंद नही उठा पाते. साथ ही यौन क्रिया के दौरान कंडोम फटने का भी ख़तरा रहता है.

स्थिति कभी कभी विकट भी हो सकती है क्योंकि एचआईवी वायरस से संक्रमित होने का ख़तरा भी बना सकता है.

माना जाता है कि भारत में लोग किसी मेडिकल स्टोर पर जा कर आत्मविश्वास के साथ छोटे आकार का कंडोम मांगने में थोड़ा घबराते हैं.

इस समस्या से निपटने के लिए डॉक्टर पुरी का सुझाव है कि देशभर में वेंडिग मशीन लगानी चाहिए ताकि लोग अपनी पसंद का कंडोम ले सकें.

लेकिन कुछ लोग इससे सहमत नहीं. पुरूषों की पत्रिका मैक्सिम के भारतीय संस्करण के पूर्व संपादक सुनील मेहरा इस मामले में दिलचस्प राय रखते है.

उनका कहना है कि ये महत्वपूर्ण नहीं कि आकार कितना बड़ा है बल्कि अहम बात ये है कि आप उसे इस्तेमाल में कैसे लाते है.

सुनील मेहरा की बात पर यक़ीन करें तो भारतीयो ने अभी तक इस क्षेत्र में संतोषजनक प्रदर्शन किया है. अंत में प्रसिद्ध कवि एलेक्जेंडर पोप से माफ़ी माँगते हुए वो यही कहते हैं कि आकार बड़ा है या छोटा इंच में है या सेंटीमीटर में ऐसी बातों में ख़ुशी मूर्ख लोग ही ढूँढते है.

http://www.bbc.co.uk/hindi/science/story/2006/12/061208_condom_research.shtml
:tongue:

leleram
19th December 2006, 02:10 PM
Agar bharat mein logo ka ling size chhota hai.....Fir Narad ko BBR mein jaakar itni takleef kyo hoti hai:w00t:

Mastikhor
19th December 2006, 02:34 PM
Mujhe to apne dadaji ki advice (http://www.fundoozone.com/forums/showthread.php?t=8141) yaad aa gayi

Jisney sab ke ling measure kiye ... uske haath bade honge

:D

Narad Muni
19th December 2006, 02:35 PM
Agar bharat mein logo ka ling size chhota hai.....Fir Mujhe BBR mein jaakar itni takleef kyo hoti hai:w00t:

we don't know ? :lol: :lol:

leleram
19th December 2006, 02:39 PM
dont worry.......now for perfect fit....all u need to do is buy this

http://www.fundoozone.com/forums/showthread.php?t=7950