Badshah
13th December 2010, 01:29 PM
माट्टी से है भूख मेरी ,
माट्टी से है प्यास
माट्टी से है घर बना,
माट्टी से इंसान
इसकी सौंधी खुसबू से,
मन में भरता उल्लास
माट्टी में फसल उगा कर,
कृषक करता अपना उत्थान,
माट्टी देती है हमको एक्का का एहसास ,
इस माट्टी में है प्राण मिले,
माट्टी में इतिहास,
माट्टी का ही खेल है सब,
बिन माट्टी सब सुनसान|
माट्टी से है प्यास
माट्टी से है घर बना,
माट्टी से इंसान
इसकी सौंधी खुसबू से,
मन में भरता उल्लास
माट्टी में फसल उगा कर,
कृषक करता अपना उत्थान,
माट्टी देती है हमको एक्का का एहसास ,
इस माट्टी में है प्राण मिले,
माट्टी में इतिहास,
माट्टी का ही खेल है सब,
बिन माट्टी सब सुनसान|