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View Full Version : कतरा ही इक मिल जाता....


captain
25th April 2006, 10:39 PM
कतरा ही इक मिल जातापानी की जो कद्र तू करता,
मानव तू भी खिल जाता।
जी लेता मैं और ज़रा सा,
कतरा ही इक मिल जाता।

captain
25th April 2006, 10:40 PM
बूँद की प्यासकागा तेरी आस का
नहीं बदला इतिहास
सूनामी के युग में भी
तू तड़पे
लिए बूँद की प्यास।:thumbup: