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View Full Version : क्रेडिट कार्ड के बकाये को लोन में बदलने का 


Badshah
5th February 2010, 05:46 PM
क्रेडिट कार्ड से फायदा लेने के बाद कर्ज चुकाने में दिक्कत महसूस करने वालों के लिए राहत की खबर है। अ

गर आपको क्रेडिट कार्ड की भारी बकाया राशि चुकानी है और फिलहाल उस पर ऊंची दर से ब्याज अदा कर रहे हैं, तो यह अवसर है कि क्रेडिट कार्ड लोन को लंबी अवधि के लिए कम ब्याज दर वाले बैंक लोन में बदलवा लीजिए।

क्रेडिट कार्ड से जुड़े डूबे हुए कर्ज में भारी बढ़ोतरी होने के बाद कई बैंक क्रेडिट कार्ड के मोर्चे पर निकलने वाली राशि घटाने के लिए आकर्षक योजनाएं पेश कर रहे हैं, जिससे कार्ड इस्तेमाल करने वाले लोगों को आसान शर्तों पर अपनी बकाया राशि चुकाने का मौका मिल सकता है। आईसीआईसीआई और सिटीबैंक समेत सभी बड़े बैंक इस तरह की योजनाएं चला रहे हैं, लेकिन वे इनका प्रचार-प्रसार नहीं करना चाहते, जिससे कार्ड यूजर के नियमित भुगतान में डिफॉल्ट करने और सेटलमेंट के इन आसान विकल्पों की राह पकड़ने से जुड़े मामलों की तादाद काफी बढ़ा सकते हैं।

आईसीआईसीआई बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पहचान जाहिर न करने की शर्त पर बताया, 'हम कई तरह के ढांचागत भुगतान प्लान उपलब्ध करा रहे हैं। ये सीमित स्कीम वैकल्पिक रिपेमेंट प्लान के रूप में ग्राहक से विचार-विमर्श के बाद तय की जा रही हैं।' हालांकि, खबर लिखे जाने तक बैंक को भेजे गए ईमेल पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई। ये स्कीम बैंकों ने अपने हिसाब से तैयार की हैं। मसलन, अगर आप पर करीब 2 लाख रुपये का लोन बकाया है और आप 18 फीसदी की दर से इस पर ब्याज चुका रहे हैं, तो इसे नियमित लोन में बदला जा सकता है। तीन साल की अवधि में आप यह रकम चुकाएंगे और ब्याज दर 12 फीसदी के करीब होगी।

सिटीबैंक में बिजनेस मैनेजर-कार्ड्स संदीप भल्ला ने कहा, 'हम डिफॉल्ट रोकने और सहायता आधारित कलेक्शन प्रक्रिया रखते हैं और अगर भुगतान करने की क्षमता वाकई नहीं है, तो हम रिपेमेंट समाधान निकालने के लिए ग्राहक के कैश-फ्लो के आधार पर उससे बातचीत करके हल निकालते हैं।' सिटीबैंक के कार्डधारकों की तादाद 25 लाख के करीब है। हालांकि, ग्राहक इसके बाद क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल नहीं कर सकेगा और बाद में उसे नया क्रेडिट कार्ड लेने में भी काफी दिक्कतें पेश आ सकती हैं।

सिबिल के एक प्रवक्ता ने कहा कि जब बैंक रिस्ट्रक्चर्ड लोन की रिपोर्ट देता है, तो उसे सिबिल के रिकॉर्ड में भी इसी तरह लिया जाता है और क्रेडिट रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी जाती है। बैंकों ने अपने डूबे हुए कर्ज का खुलासा करने से इनकार कर दिया, लेकिन यह साफ दिख रहा है कि वह कारोबार को लेकर अब काफी सतर्क हैं। क्रेडिट कार्ड आधार एक साल पहले 2.67 करोड़ से 21 फीसदी गिरकर अक्टूबर 2009 के अंत में 2.11 करोड़ पर आ गया है। क्रेडिट कार्ड पर बकाया राशि भी 12.13 फीसदी लुढ़ककर अक्टूबर 2009 में 5,660 करोड़ रुपये पर आ गई, जो साल भर पहले 6,442 करोड़ रुपये थी। वेंचर इंफोटेक की रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक सभी बैंक अपने क्रेडिट कार्ड कारोबार में कमी कर रहे हैं। आईसीआईसीआई बैंक 2008 में 90 लाख कार्डधारकों की तादाद घटाकर 2009 में 70 लाख पर ले आया है।