mastraam
11th January 2010, 03:46 PM
उड़ीसा के चाँदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (एकीकृत परीक्षण रेंज) आईटीआर से देश में ही विकसित तथा दृश्यता सीमा से आगे जा कर हवा से हवा में मार करने वाले प्रक्षेपास्त्र ‘अस्त्र‘ का परीक्षण किया गया।
रक्षा सूत्रों ने बताया कि आईटीआर परिसर के पैड संख्या दो से अस्त्र को एक प्रक्षेपक के सहारे सुबह लगभग पौने दस बजे प्रक्षेपित किया गया। सूत्रों ने बताया कि इस प्रक्षेपण के आँकड़ों का विश्लेषण करने के बाद जल्दी ही एक अन्य परीक्षण किए जाने की संभावना है।
आईटीआर में डीआरडीओ के सूत्रों ने बताया इस प्रक्षेपास्त्र को पूरी तरह संचालन में लाने से पहले इस प्रणाली को कुछ और परीक्षण से गुजरना होगा। इसके नेविगेशन, नियंत्रण, एयरप्रेम, प्रणोदन और अन्य उपप्रणाली आदि सफल रहे हैं।
सूत्रों ने बताया कि यह प्रक्षेपास्त्र एक चरण वाला है तथा इसमें ठोस ईंधन प्रयुक्त होता है। यह समसामयिक बीवीआर प्रक्षेपास्त्रों की तुलना में अधिक उन्नत प्रक्षेपास्त्र है। यह हवा में अतिसूक्ष्म लक्ष्य को भी निशाना बनाने और उन्हें नष्ट करने में सक्षम है।
अस्त्र को भविष्य का प्रक्षेपास्त्र करार देते हुए डीआरडीओ के वैज्ञानिकों ने कहा कि यह 1.2 से 1.4 मैक के बीच गतिशील को निशाना बनाने में सक्षम है। (एक मैक 1236 किलोमीटर प्रति घंटा के समतुल्य है।) हालाँकि आज के परीक्षण में रेंज का खुलासा नहीं किया गया है। वैज्ञानिक यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि अस्त्र विभिन्न रेंज पर भी प्रभावी तरीके से काम करे। (भाषा)
-Source (http://hindi.webdunia.com/news/news/national/1001/11/1100111070_1.htm)
रक्षा सूत्रों ने बताया कि आईटीआर परिसर के पैड संख्या दो से अस्त्र को एक प्रक्षेपक के सहारे सुबह लगभग पौने दस बजे प्रक्षेपित किया गया। सूत्रों ने बताया कि इस प्रक्षेपण के आँकड़ों का विश्लेषण करने के बाद जल्दी ही एक अन्य परीक्षण किए जाने की संभावना है।
आईटीआर में डीआरडीओ के सूत्रों ने बताया इस प्रक्षेपास्त्र को पूरी तरह संचालन में लाने से पहले इस प्रणाली को कुछ और परीक्षण से गुजरना होगा। इसके नेविगेशन, नियंत्रण, एयरप्रेम, प्रणोदन और अन्य उपप्रणाली आदि सफल रहे हैं।
सूत्रों ने बताया कि यह प्रक्षेपास्त्र एक चरण वाला है तथा इसमें ठोस ईंधन प्रयुक्त होता है। यह समसामयिक बीवीआर प्रक्षेपास्त्रों की तुलना में अधिक उन्नत प्रक्षेपास्त्र है। यह हवा में अतिसूक्ष्म लक्ष्य को भी निशाना बनाने और उन्हें नष्ट करने में सक्षम है।
अस्त्र को भविष्य का प्रक्षेपास्त्र करार देते हुए डीआरडीओ के वैज्ञानिकों ने कहा कि यह 1.2 से 1.4 मैक के बीच गतिशील को निशाना बनाने में सक्षम है। (एक मैक 1236 किलोमीटर प्रति घंटा के समतुल्य है।) हालाँकि आज के परीक्षण में रेंज का खुलासा नहीं किया गया है। वैज्ञानिक यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि अस्त्र विभिन्न रेंज पर भी प्रभावी तरीके से काम करे। (भाषा)
-Source (http://hindi.webdunia.com/news/news/national/1001/11/1100111070_1.htm)