mastraam
29th December 2008, 05:35 PM
कल टीवी पर नरक के होने का प्रमाण मिल जाने की खबर आयी।
आत्माओं के तड़पने और चिल्लाने की आवाजें सुनायीं गयीं।
अब तक मस्त थे, मानते थे यही धरतिये पर नरक है।
फिर सोचे- इ तो अलग से लफड़ा हो गया है। यानी नरक जरूर है, धरती के नीचे।
सोचते-सोचते लग गयी आंख
डरा तो ऐसा था कि यमराज जी सामने उपस्थित नजर आ ही गये।
सोचा अब लगेंगे प्राण खींचने।
पर देखा यमराज जी पसीने से तरबतर थे परेशान और बार-बार पुकार रहे थे।
हम बोले-सर क्या मामला है, ले जायेंगे क्या?
पर यह क्या हुआ उल्टा
यमराज जी बोले-भाई हम तो तुमको इंटरव्यू देने के लिए पकड़े हैं।
हम बोले-क्यों?
यमराज जी- बड़ा टेंशन हो गया है। तुम लोग हमरा एरिया को इनक्रोच करने का तैयारी में हो।
हम बोले-सर, आपसे कौन टकरा सकता है?
यमराज जी- टकरा सकता है पूछते हो, यहां तो एंट्रेंस का पता लगा लिया है साइंटिस्ट लोग।
हम बोले-लेकिन उ सब तो डरे मारे भाग गये,नरक से इतना भयानक आवाज आ रहा था।
यमराज जी- अरे, उ तो पब्लिक लोग मारकेट में आवाज कर रहा था।
हम बोले-मारकेट,वहां भी है का?
यमराज जी- हां, वहां भी स्पेशल इकोनॉमिक जोन बनवा दिये हैं।
हम बोले-तब तो पूरा नरक मस्त होगा।
यमराज जी- खाक मस्त होगा, कोनो नेता लोग का आत्मा पकड़ लाये थे, पूरा वकॆर सबको आंदोलन करवा दिया है।
हम बोले-तब का कर रहे हैं, सोल्युशन निकालिये?
यमराज जी-सोल्युशन नहीं निकलनेवाला है?
हम बोले-क्यों
यमराज जी-हमको सब वोटिंग कर हटाने का तैयारी कर रहा है।
हम बोले- तब तो इ आत्मा ले जाने का पावर का क्या होगा?
यमराज जी-उसी के लिए तो जुगाड़वाला मशीन भिड़ाना है?
हम बोले- आप जैसा पावरफुल, इ जुगाड़ वाला बात कब से करने लगा?
यमराज जी- इ तो हम कल्हे जाने है, लेकिन जुगाड़वाला मशीन कहीं मिल नहीं रहा। कोनो पब्लिक का आत्मा हमको जुगाड़ बैठाने बोल रहा था। लेकिन पूरा ब्रह्मांड में उ मशीन नहीं मिल रहा।
हम जुगाड़ वाला मशीन के बारे में सोचने लगे। तभी कार के हानॆ की आवाज ने नींद खोल दी। नीचे दोस्त बुला रहा था, बोला जुगाड़ हो गया, उ वाला काम हो जायेगा। हम सोचे धत तेरे की, इ जुगाड़।
उधर यमराज जी जुगाड़वाला मशीन ताक रहे होंगे। पता नहीं का हाल होगा। पता चलाना पड़ेगा।
लेकिन उ सब एक ब्रेक के बाद,
अभी जाते हैं... बाय-बाय
आत्माओं के तड़पने और चिल्लाने की आवाजें सुनायीं गयीं।
अब तक मस्त थे, मानते थे यही धरतिये पर नरक है।
फिर सोचे- इ तो अलग से लफड़ा हो गया है। यानी नरक जरूर है, धरती के नीचे।
सोचते-सोचते लग गयी आंख
डरा तो ऐसा था कि यमराज जी सामने उपस्थित नजर आ ही गये।
सोचा अब लगेंगे प्राण खींचने।
पर देखा यमराज जी पसीने से तरबतर थे परेशान और बार-बार पुकार रहे थे।
हम बोले-सर क्या मामला है, ले जायेंगे क्या?
पर यह क्या हुआ उल्टा
यमराज जी बोले-भाई हम तो तुमको इंटरव्यू देने के लिए पकड़े हैं।
हम बोले-क्यों?
यमराज जी- बड़ा टेंशन हो गया है। तुम लोग हमरा एरिया को इनक्रोच करने का तैयारी में हो।
हम बोले-सर, आपसे कौन टकरा सकता है?
यमराज जी- टकरा सकता है पूछते हो, यहां तो एंट्रेंस का पता लगा लिया है साइंटिस्ट लोग।
हम बोले-लेकिन उ सब तो डरे मारे भाग गये,नरक से इतना भयानक आवाज आ रहा था।
यमराज जी- अरे, उ तो पब्लिक लोग मारकेट में आवाज कर रहा था।
हम बोले-मारकेट,वहां भी है का?
यमराज जी- हां, वहां भी स्पेशल इकोनॉमिक जोन बनवा दिये हैं।
हम बोले-तब तो पूरा नरक मस्त होगा।
यमराज जी- खाक मस्त होगा, कोनो नेता लोग का आत्मा पकड़ लाये थे, पूरा वकॆर सबको आंदोलन करवा दिया है।
हम बोले-तब का कर रहे हैं, सोल्युशन निकालिये?
यमराज जी-सोल्युशन नहीं निकलनेवाला है?
हम बोले-क्यों
यमराज जी-हमको सब वोटिंग कर हटाने का तैयारी कर रहा है।
हम बोले- तब तो इ आत्मा ले जाने का पावर का क्या होगा?
यमराज जी-उसी के लिए तो जुगाड़वाला मशीन भिड़ाना है?
हम बोले- आप जैसा पावरफुल, इ जुगाड़ वाला बात कब से करने लगा?
यमराज जी- इ तो हम कल्हे जाने है, लेकिन जुगाड़वाला मशीन कहीं मिल नहीं रहा। कोनो पब्लिक का आत्मा हमको जुगाड़ बैठाने बोल रहा था। लेकिन पूरा ब्रह्मांड में उ मशीन नहीं मिल रहा।
हम जुगाड़ वाला मशीन के बारे में सोचने लगे। तभी कार के हानॆ की आवाज ने नींद खोल दी। नीचे दोस्त बुला रहा था, बोला जुगाड़ हो गया, उ वाला काम हो जायेगा। हम सोचे धत तेरे की, इ जुगाड़।
उधर यमराज जी जुगाड़वाला मशीन ताक रहे होंगे। पता नहीं का हाल होगा। पता चलाना पड़ेगा।
लेकिन उ सब एक ब्रेक के बाद,
अभी जाते हैं... बाय-बाय