mastraam
19th November 2008, 06:14 PM
( जब Java का कोड .Net वाला करता है, तो कोडर उठता नहीं.. उठ्ठ जाता है )
डेवेलपर नाना पाटेकर का डायलॉग
बैंग बैंग बैंग.. (कीबोर्ड पर)…
ये देखो …
ये 'C' का कोड.. ये 'C++' का कोड… ये दोनो मिला दिया…
अब बता टेस्टर - 'C' का कौन सा, 'C++' का कौन सा???
जब बनाने वाले ने इसमें कोइ फर्क नहीं किया तो तुम कौन हो फर्क करने वाले…. बता बता..??
=============================================
"घायल कोडर"सनी देओलः बेंच पर बेंच, बेंच पर बेंच.. लोग पागलों कि तरह ट्रेनिंग में रात रात भर पढते रहे और उन्हें मिली तो सिर्फ बेंच!
अल्गोरिथ्म का एनालिसिस करते करते उनकी खुद कि जिंदगी बन गई एक अनसुलझा अल्गोरिथ्म, और उन्हें भी मिली तो सिर्फ बेंच!
ट्रेनिंग के बाद प्रोजेक्ट मिलेगा, फिर अप्रैजल होगा, फिर ऑनसाईट जाऊंगा इसी सोच में लोगों ने ट्रेनिंग के दिन काट दिये और उन्हें भी मिली तो सिर्फ बेंच!
बेंच पर बैठे बैठे लोग खुद बन गये हैं एक बेंच, और फिर भी उन्हें मिली तो सिर्फ बेंच!
बेंच.. बेंच.. बेंच..
सनी देओलः चड्डा समझो इसे….
कोडिंग करने के लिये जो जिगर चाहिये होता है वो किसी बाजार में नहीं मिलता…
कोडर उसे लेकर पैदा होटा है….
सनी देओलः और जब ये जावा का कोड किसी डॉटनेट वाले को करना पर जाता है ना,
तो कोडर उठता नहीं, बल्की इस दुनिया से उठ्ठ जाता है…………
सनी देओलः बाजार में ऐसे कोड बहुत मिलते हैं लेकीन उनको चलाने के लिये जो सीना चाहिये होता है वो एक कोडर लेकर पैदा होता है..
डेवेलपर नाना पाटेकर का डायलॉग
बैंग बैंग बैंग.. (कीबोर्ड पर)…
ये देखो …
ये 'C' का कोड.. ये 'C++' का कोड… ये दोनो मिला दिया…
अब बता टेस्टर - 'C' का कौन सा, 'C++' का कौन सा???
जब बनाने वाले ने इसमें कोइ फर्क नहीं किया तो तुम कौन हो फर्क करने वाले…. बता बता..??
=============================================
"घायल कोडर"सनी देओलः बेंच पर बेंच, बेंच पर बेंच.. लोग पागलों कि तरह ट्रेनिंग में रात रात भर पढते रहे और उन्हें मिली तो सिर्फ बेंच!
अल्गोरिथ्म का एनालिसिस करते करते उनकी खुद कि जिंदगी बन गई एक अनसुलझा अल्गोरिथ्म, और उन्हें भी मिली तो सिर्फ बेंच!
ट्रेनिंग के बाद प्रोजेक्ट मिलेगा, फिर अप्रैजल होगा, फिर ऑनसाईट जाऊंगा इसी सोच में लोगों ने ट्रेनिंग के दिन काट दिये और उन्हें भी मिली तो सिर्फ बेंच!
बेंच पर बैठे बैठे लोग खुद बन गये हैं एक बेंच, और फिर भी उन्हें मिली तो सिर्फ बेंच!
बेंच.. बेंच.. बेंच..
सनी देओलः चड्डा समझो इसे….
कोडिंग करने के लिये जो जिगर चाहिये होता है वो किसी बाजार में नहीं मिलता…
कोडर उसे लेकर पैदा होटा है….
सनी देओलः और जब ये जावा का कोड किसी डॉटनेट वाले को करना पर जाता है ना,
तो कोडर उठता नहीं, बल्की इस दुनिया से उठ्ठ जाता है…………
सनी देओलः बाजार में ऐसे कोड बहुत मिलते हैं लेकीन उनको चलाने के लिये जो सीना चाहिये होता है वो एक कोडर लेकर पैदा होता है..