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View Full Version : Idiots guide to poetry


mastraam
12th November 2008, 06:11 PM
दोस्तों ....... हम सब के दिलो में एक आरजू हमेशा रहती है
की हम किस तरह से अपने दिल के जज्बात "उन" तक पहुंचाएं
इसका सबसे आसान तरीका है शायर बन के.
पर क्या ये इतना आसान है?
जी हाँ मै लाया हूँ आपके लिए एक बहुत ही नायाब और आसान तरीका.

बहुत आसान है
बस केवल 10-20 शब्द हैं .. जैसे ..
आम शब्द:
महफिल, नगमा, आरजू, कसीस, उम्मीद, दामन, आशुं, तन्हाई, मदहोशी, खामोशी,
ख्वाब, शख्स, क़यामत, धड़कन, ज़माना, अल्फाज, तमन्ना, {सनम बेवफा}*, {खुदा गवाह}*
*(सनम और बेवफा एक साथ तो तो क्या कहने, खुदा गवाह पे भी यही चीज लागु होती है)

शरीर के अंग:
दिल, जिगर, आँखे, पलक, बाहें, जिस्म, सीना, रूह.

एसे शब्द जिनके बीच में ऐ या ओ आए:
शेर-ओ-शायरी, महवे-ऐ-मदहोश, मंदर-ऐ-तामीर, सज़ा-ऐ-मौत, दर्द-ऐ-दिल.

(इनमे रोज ५-५ शब्द जोड़ते रहे)

बस हो गया इनमे से कोई भी शब्द उठाएं और शुरु कर दें.
बस इतना धयान रखे की लाइन के आखिरी शब्द लय में हों...
जैसे
१. अगर पहली लाइन में आखिरी शब्द मेले हैं तो दूसरी लाइन में अकेले, केले, या फिर झमेले होना चाहिए.
२ अगर पहली लाइन में आखिरी शब्द खामोशी हो तो दूसरी, तीसरी, और चोथी लाइन में मदहोशी, बेहोशी , सरगोशी होगा.

अब दिल, जिगर, आँखे, पलके, और, सपने का परयोग करके हम इसे एसे बना सकते हैं

१ . दिल की आँखों से जिगर के पार देखा नही जाता
पलकों के सपनो को डस्टबिन में फेंका नही जाता

२ . दिल बेचने कहाँ जाओगे दिलो के मेले नही लगते
आम के पेड़ पे कभी केले नही लगते

३ . उनकी सोचो जो इस दिल में रहते है
तुम्हारे सुख दुःख रात दिन सहते हैं
और वीक एंड पे बस यही कहते हैं
आपके आसूओ में केवल हम बहते हैं .

४. चलते चलते तुम मेरे ये जीत याद रखना
केले के छिलके पे तुम पैर किसी के रखने के बाद रखना.

५. जहाँ लहरों की खामोशी हो,
जहाँ साँसों की मदहोशी हो,
जहाँ जज्बों की बेहोशी हो,
जहाँ आंखों से सरगोशी हो,
(वहा से चुपके से निकल जाने में ही भलाई है).

बस एसी तरह से कोशिस करते रहिये एक दिन सफलता आपके कदम चूमेगी :d

Raju
14th November 2008, 05:10 PM
:hi_5::hi_5: