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View Full Version : क्या आप धर्मनिरपेक्ष हैं ?


mastraam
10th November 2008, 02:54 PM
क्या आप धर्मनिरपेक्ष हैं ? जरा फ़िर सोचिये और स्वयं के लिये इन प्रश्नों के उत्तर खोजिये.....

१. विश्व में लगभग ५२ मुस्लिम देश हैं, एक मुस्लिम देश का नाम बताईये जो हज के लिये "सब्सिडी" देता हो ?

२. एक मुस्लिम देश बताईये जहाँ हिन्दुओं के लिये विशेष कानून हैं, जैसे कि भारत में मुसलमानों के लिये हैं ?

३. किसी एक देश का नाम बताईये, जहाँ ८५% बहुसंख्यकों को "याचना" करनी पडती है, १५% अल्पसंख्यकों को संतुष्ट करने के लिये ?

४. एक मुस्लिम देश का नाम बताईये, जहाँ का राष्ट्रपति या प्रधानमन्त्री गैर-मुस्लिम हो ?

५. किसी "मुल्ला" या "मौलवी" का नाम बताईये, जिसने आतंकवादियों के खिलाफ़ फ़तवा जारी किया हो ?

६. महाराष्ट्र, बिहार, केरल जैसे हिन्दू बहुल राज्यों में मुस्लिम मुख्यमन्त्री हो चुके हैं, क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि मुस्लिम बहुल राज्य "कश्मीर" में कोई हिन्दू मुख्यमन्त्री हो सकता है ?

७. १९४७ में आजादी के दौरान पाकिस्तान में हिन्दू जनसंख्या 24% थी, अब वह घटकर 1% रह गई है, उसी समय तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान (अब आज का अहसानफ़रामोश बांग्लादेश) में हिन्दू जनसंख्या 30% थी जो अब 7% से भी कम हो गई है । क्या हुआ गुमशुदा हिन्दुओं का ? क्या वहाँ (और यहाँ भी) हिन्दुओं के कोई मानवाधिकार हैं ?

८. जबकि इस दौरान भारत में मुस्लिम जनसंख्या 10.4% से बढकर 14.2% हो गई है, क्या वाकई हिन्दू कट्टरवादी हैं ?

९. यदि हिन्दू असहिष्णु हैं तो कैसे हमारे यहाँ मुस्लिम सडकों पर नमाज पढते रहते हैं, लाऊडस्पीकर पर दिन भर चिल्लाते रहते हैं कि "अल्लाह के सिवाय और कोई शक्ति नहीं है" ?

१०. सोमनाथ मन्दिर के जीर्णोद्धार के लिये देश के पैसे का दुरुपयोग नहीं होना चाहिये ऐसा गाँधीजी ने कहा था, लेकिन 1948 में ही दिल्ली की मस्जिदों को सरकारी मदद से बनवाने के लिये उन्होंने नेहरू और पटेल पर दबाव बनाया, क्यों ?

११. कश्मीर, नागालैण्ड, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय आदि में हिन्दू अल्पसंख्यक हैं, क्या उन्हें कोई विशेष सुविधा मिलती है ?

१२. हज करने के लिये सबसिडी मिलती है, जबकि मानसरोवर और अमरनाथ जाने पर टैक्स देना पड़ता है, क्यों ?

१३. मदरसे और क्रिश्चियन स्कूल अपने-अपने स्कूलों में बाईबल और कुरान पढा सकते हैं, तो फ़िर सरस्वती शिशु मन्दिरों में और बाकी स्कूलों में गीता और रामायण क्यों नहीं पढाई जा सकती ?

१४. गोधरा के बाद मीडिया में जो हंगामा बरपा, वैसा हंगामा कश्मीर के चार लाख हिन्दुओं की मौत और पलायन पर क्यों नहीं होता ?

१५. क्या आप मानते हैं - संस्कृत सांप्रदायिक और उर्दू धर्मनिरपेक्ष, मन्दिर साम्प्रदायिक और मस्जिद धर्मनिरपेक्ष, तोगडिया राष्ट्रविरोधी और ईमाम देशभक्त, भाजपा सांप्रदायिक और मुस्लिम लीग धर्मनिरपेक्ष, हिन्दुस्तान कहना सांप्रदायिकता और इटली कहना धर्मनिरपेक्ष ?

१६. अब्दुल रहमान अन्तुले को सिद्धिविनायक मन्दिर का ट्रस्टी बनाया गया था, क्या मुलायम सिंह को हजरत बल दरगाह का ट्रस्टी बनाया जा सकता है ?

१७. एक मुस्लिम राष्ट्रपति, एक सिख प्रधानमन्त्री और एक ईसाई रक्षामन्त्री, क्या किसी और देश में यह सम्भव है ?

dengu
10th November 2008, 03:15 PM
har sawal ka ek jawab,,,,,,



hum g@@ndu hain isliye.........samjhe. :mad:

lampat
10th November 2008, 06:29 PM
'एजुकेटेड' और 'प्रोग्रेसिव' होने की आत्ममुग्धता के चलते बहुसंख्यक हिन्दुओ के अन्दर इतनी ज्यादा हीन भावना भरी हुई है कि उनको अपने जायज हक के बारे में भी बोलने में शर्म महसूस होती है | पहले जो काम अंग्रेजो ने किया - भारतीयों के अन्दर फूट डाली और उनके अन्दर इतनी हीन भावना भर दी जिससे मुट्ठी भर अंग्रेज दो सौ सालो तक हमारा खून चूसते रहे | यही काम कांग्रेस , लेफ्ट और अन्य 'सेकुलर' दलों ने किया - जात-पात , दलित , अगडे , पिछडो के नाम पर हिन्दू समाज को तोडा और उनके अन्दर 'सेकुलरिस्म' के नाम पर अपने ही बारे में इतनी हीन भावना भर दी जिससे उसकी सोचने -समझने की शक्ती कुंद हो जाए और वो अपने ही देश में 15% का गुलाम बनकर रहे और अपना घर जलाता रहे उनकी भावनाओं का ख़याल रखने के नाम पर ! इन सबके लिए जिम्मेदार और कोई नहीं सिर्फ हिन्दू स्वयं है ! महर्षि वेद व्यास ने महाभारत में लिखा है कि "कुल्हाडी सिर्फ लकडी के ऊपर ही प्रहार करती है , किसी पत्थर पर नहीं" जब हिन्दू, स्वयं ही लकडी जैसा आचरण करेंगे तो कोई भी कुल्हाडी उसपर प्रहार कर के उसको ख़त्म कर देगी! पर अब वो बात नहीं रही पहले जैसी- अब तो ईंट का जवाब हिन्दुओ ने पत्थर से देना शुरू कर दिया है , आखिर कब तक हम अपना खुद का घर जलाएंगे 'सेकुलरवाद' और दुसरो की भावनाओं का ख़याल करने के नाम पर ? :angry:

Raju
11th November 2008, 02:24 PM
har sawal ka ek jawab,,,,,,



hum g@@ndu hain isliye.........samjhe. :mad:

:lol::lol: