PDA

View Full Version : शराबियों के लतीफे


mastraam
4th October 2008, 06:12 PM
Repeat ho tou maaf karein-

एक उपदेशक ने मद्यनिषेध पर भाषण दिया। अन्त में पूछा - ''अच्छा मान लीजिये, मैं एक बालटी पानी और एक बालटी शराब मंगाकर यहां रख दूं और एक गधे को को बुलवाऊं तो वह किस बालटी में मुंह डालेगा ?''
श्रोता - ''पानी की बालटी में''
उपदेशक - ''आखिर क्यों ?''
श्रोता - ''वह गधा जो ठहरा !''

तीन आदमी, दो अधेड़ और एक युवा, किसी बीयर बार में बीयर पीने गये। जब वह पीने लगे तो एक आदमी बोला - ''लगता है बाहर बारिश हो रही है।'' गरमागरम बहस के बाद तय हुआ कि उम्र में सबसे छोटा छतरी लेने के लिये घर जाये। लड़का गुर्राया - ''मेरे जाने पर तुम मेरी सारी बीयर पी जाओगे।'' उसे इतमीनान दिलाया गया कि नहीं पीयेंगे, उसके हिस्से की ज्यों की त्यों रखी रहेगी। तब कहीं छोटे मियां छतरी लेने चले।
रात गहराने लगी पर छोटे मियां नहीं लौटे। अन्त में एक बोला - ''क्यों न उन हजरत के हिस्से की भी पी ही ली जाये। अब तो वे आने से रहे।''
दूसरा बोला - ''मैं भी यही सोच रहा था। आओ पी लें।''
बार के एक कोने की छोटी सी खिड़की से तेज आवाज आई - ''अगर पीओगे तो मैं छतरी लेने नहीं जाऊंगा।''

एक आदमी को एक बढ़िया किस्म की शराब की बोतल उपहार स्वरूप मिली। वह उसे लेकर लपकता हुआ घर की ओर जा रहा था। बोतल मिलने की खुशी में वह इतना मगन था कि सड़क पर आती हुई मोटरकार से बचकर निकल न सका। लिथड़ गया। उठकर लंगड़ाता हुआ सड़क पार कर रहा था कि कुछ पतली गर्म चीज टांग पर से बहती हुई मालूम हुई।
''हे प्रभु'' वह दुआ करने लगा।
''यह खून हो।''


मेजर - ''इतना ज्यादा क्यों पीते हो ? तुम्हें खबर है कि अगर तुम्हारा रिकार्ड अच्छा रहा होता तो अब तक तुम सूबेदार हो गये होते।''
जवान - ''माफ कीजिये सर, मगर बात यह है कि जब दो घूंट मेरे अन्दर पहुंच जाते हैं तो मैं अपने आपको कर्नल समझने लगता हूं।''


दो दोस्त आपस में बाते कर रहे थे।
पहला - ''यार आजकल मुझे नींद नहीं आती।''
दूसरा - ''अच्छा! फिर तुम इसका क्या उपाय करते हो ?''
पहला - ''आध-आध घण्टे पर व्हिस्की का एक पैग पी लेता हूं।''
दूसरा - ''इससे कुछ फायदा होता है ?''
पहला - ''नहीं, पर जागना सफल तो हो जाता है।''



एक शराबी ने एक दिन कुछ ज्यादा ही पी ली। लडखड़ाते कदमों से किसी तरह घर के दरवाजे तक पहुंचा और जेब से चाभी निकालकर ताला खोलने की कोशिश करने लगा।
नशा ज्यादा होने की वजह से वह चाभी को ताले में डाल ही नहीं पा रहा था। चाभी कभी इधर हो जाती कभी उधर । उसे परेशान होते देख पास ही खड़े एक व्यक्ति ने उसकी मदद करनी चाही ।
पास आकर बोला - लाओ चाभी, ताला मैं खोल देता हूं।
शराबी बोला - नहीं, नहीं, ताला तो मैं खोल लूंगा। तुम तो बस जरा दरवाजे को पकड़ के रखो।

बंता - महिलाएं शराब से इतनी नफरत क्यों करती हैं ?
प्रीतो - क्योंकि इसको पीने के बाद उनके चूहे जैसे पति शेरों जैसा बर्ताव करने लगते हैं ............... ।


एक शराबी आधे घण्टे से शराब का प्याला सामने रख कर उसे घूरे जा रहा था । उसी बार में मस्तमौला बंता भी बैठा हुआ था। उसे मजाक सूझा। वह उठा और उसने शराबी के सामने रखा हुआ जाम एक ही सांस में खाली कर दिया। यह देखकर शराबी रोने लगा।

बंता - रो मत यार ! तू काफी देर से चुपचाप बैठा हुआ था इसलिए मैंने तो मजाक किया था । चल मैं तेरे लिए दूसरा गिलास मंगा देता हूं .....

शराबी - मैं शराब के लिए नहीं रो रहा हूं। मैं तो अपनी किस्मत को रो रहा हूं। आज का दिन मेरी जिंदगी का सबसे बुरा दिन है। आज मैं देर से ऑफिस पहुंचा तो बॉस ने नौकरी से निकाल दिया। बाहर आया तो देखा मेरी गाड़ी चोरी हो चुकी थी। किसी तरह घर पहुंचा तो पता चला कि मेरी बीबी मेरा सारा पैसा और सामान लेकर अपने प्रेमी के साथ चंपत हो चुकी थी। आखिर में मैं इस बार में आया और आत्महत्या करने की सोच ही रहा था कि तुम आ गए और मेरा जहर मिला शराब का गिलास पी गए .... सचमुच मेरा तो दिन बहुत ही खराब है ....

dengu
4th October 2008, 08:12 PM
:getdrunk::getdrunk::getdrunk:

lallulal
4th October 2008, 11:34 PM
Sahi hai beedu , gustakhimaaf.com poori poori chep di

Raju
7th October 2008, 06:52 PM
Sahi hai beedu , gustakhimaaf.com poori poori chep di

:w00t::w00t::w00t: