KaamDev
24th September 2008, 06:19 PM
एक सर्वे के अनुसार सच्चे प्यार की तलाश में महिलाएं ही नहीं, पुरुष भी भटकते रहते हैं। किसी प्रिय व्यक्ति से ब्रेकअप होने पर वह अपनी भावनाओं पर कंट्रोल नहीं रख पाते और उनकी आंखों से भी आंसू बहने लगते हैं।
आमतौर पर माना जाता है कि लड़कियां ज्यादा संवेदनशील होती है। वह भावनाओं को आसानी से समझ सकती हैं। लेडीज़ के आंसू भी जल्दी निकलते हैं। पुरुषों के बारे में आम धारणा यह है कि वह कठोर होते हैं और विपरीत हालात में भी उन्हें आसानी से रोते नहीं देखा जा सकता। लड़कों को उद्दंड, शरारती, अपरिपक्व और पता नहीं क्या-क्या कहा जाता है। लेकिन ज्यादातर पुरुषों को भी सच्चे प्यार की तलाश होती है। वह वादा करने से भी पीछे नहीं हटते और उनकी आंखों से दुख के समय आंसू भी निकलते हैं। एक वेबसाइट के सर्वे के आधार पर यह नतीज़े दिए जा रहे हैं।
वेबसाइट के प्रधान संपादक जेम्स बेसिल ने कहा, 'इस सर्वे ने यह साबित कर दिया है कि महिलाओं की पुरुषों के प्रति काफी धारणाएं गलत है। 28 साल तक की उम्र के करीब 70,000 पुरुषों पर यह सर्वे किया गया। सर्वे के नतीज़ों से सामने आया कि मॉडर्न एज़ के पुरुष नैतिकता, वफादारी और पारिवारिक जीवन को महत्व देने लगे हैं। सर्वे के अनुसार 77 फीसदी लोग ऐसी लड़की को अपना दोस्त बनाना चाहेंगे, जिनमें उनकी पत्नी बनने की काबिलियत हो। 75 फीसदी लोग मानते हैं कि उन्हें उनकी सपनों की रानी मिल गई है। सर्वे में 69 प्रतिशत पुरुषों का कहना था कि वह जिंदगी में कभी अपने पार्टनर को धोखा नहीं देंगे।
आमतौर पर बिंदास रहने वाले लड़कों या पुरुषों के बारे में यह धारणा बना ली जाती है कि उनकी शादी-ब्याह में कोई दिलचस्पी नहीं है। वह सिर्फ हर छह महीने बाद अपनी गर्लफ्रेंड बदलने में विश्वास रखते हैं। पांच हफ्तों की अवधि में किए गए इस ऑनलाइन सर्वे के दौरान गया है कि दस में से छह लोग अपनी सेट इमिज से खुश नहीं हैं। बासिल ने कहा है, 'टीवी कमर्शल में पुरुषों की सदियों से दिखाई जानी इमिज को कोई चुनौती नहीं दी गई है। जबकि महिलाओं के तेजी से बदलते रोल पर मीडिया का काफी ध्यान फोकस रहा है।
हॉलिवुड की ज्यादातर फिल्मों में युवकों को प्ले बॉय के रूप में पेश किया जाता है, जो अपनी गर्लफ्रेंड या वाइफ से चीटिंग करने का बहाना ढूंढ़ते रहते हैं। लेकिन असलियत में ऐसा नहीं है। 56 प्रतिशत पुरुषों का मानना है कि अच्छा पति या पिता बनकर उन्हें अपने जिम्मारियों का वास्तविक रूप में एहसास हुआ है। 75 फीसदी पुरुषों ने यह स्वीकार किया कि अपनी गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप के बाद उनका दिल टूट गया था और वह काफी रोए थे। 57 फीसदी लोगों ने कहा कि वह टाइम मिलने पर घर पर खाना भी पकाते हैं। उनको यह काफी अच्छा लगता है।
क्या आप खालिस मर्द हैं?
क्या आपका अभी तक यह मानना हैं कि पुरुष केवल हैंडसम दिखने और इधर से उधर घूमने में यकीन रखते हैं, तो शायद इन सर्वे के नतीजों को देखने के बाद आपकी सोच बदल जाए।
-77 फीसदी पुरुष ऐसी लड़की को अपनी गर्लफ्रेंड बनाना पसंद करेंगे, जिससे वह आगे चलकर शादी कर सकें।
- 75 फीसदी पुरुष अपनी गर्लफ्रेंड या पत्नी से बेइंतहा प्यार करते हैं।
-77 फीसदी पुरुषों ने माना कि अपनी पहली गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप होने के बाद वह फूट-फूट कर रोए थे।
- 69 फीसदी पुरुषों का कहना है कि वह कभी अपने पार्टनर को धोखा नहीं देंगे।
- 57 फीसदी मेल्स को खाना पकाने में मजा आता है।
- 56 प्रतिशत पुरुषों का मानना है कि पति या पिता बनने के बाद उनमें जिम्मेदारी की भावना आई है।
आमतौर पर माना जाता है कि लड़कियां ज्यादा संवेदनशील होती है। वह भावनाओं को आसानी से समझ सकती हैं। लेडीज़ के आंसू भी जल्दी निकलते हैं। पुरुषों के बारे में आम धारणा यह है कि वह कठोर होते हैं और विपरीत हालात में भी उन्हें आसानी से रोते नहीं देखा जा सकता। लड़कों को उद्दंड, शरारती, अपरिपक्व और पता नहीं क्या-क्या कहा जाता है। लेकिन ज्यादातर पुरुषों को भी सच्चे प्यार की तलाश होती है। वह वादा करने से भी पीछे नहीं हटते और उनकी आंखों से दुख के समय आंसू भी निकलते हैं। एक वेबसाइट के सर्वे के आधार पर यह नतीज़े दिए जा रहे हैं।
वेबसाइट के प्रधान संपादक जेम्स बेसिल ने कहा, 'इस सर्वे ने यह साबित कर दिया है कि महिलाओं की पुरुषों के प्रति काफी धारणाएं गलत है। 28 साल तक की उम्र के करीब 70,000 पुरुषों पर यह सर्वे किया गया। सर्वे के नतीज़ों से सामने आया कि मॉडर्न एज़ के पुरुष नैतिकता, वफादारी और पारिवारिक जीवन को महत्व देने लगे हैं। सर्वे के अनुसार 77 फीसदी लोग ऐसी लड़की को अपना दोस्त बनाना चाहेंगे, जिनमें उनकी पत्नी बनने की काबिलियत हो। 75 फीसदी लोग मानते हैं कि उन्हें उनकी सपनों की रानी मिल गई है। सर्वे में 69 प्रतिशत पुरुषों का कहना था कि वह जिंदगी में कभी अपने पार्टनर को धोखा नहीं देंगे।
आमतौर पर बिंदास रहने वाले लड़कों या पुरुषों के बारे में यह धारणा बना ली जाती है कि उनकी शादी-ब्याह में कोई दिलचस्पी नहीं है। वह सिर्फ हर छह महीने बाद अपनी गर्लफ्रेंड बदलने में विश्वास रखते हैं। पांच हफ्तों की अवधि में किए गए इस ऑनलाइन सर्वे के दौरान गया है कि दस में से छह लोग अपनी सेट इमिज से खुश नहीं हैं। बासिल ने कहा है, 'टीवी कमर्शल में पुरुषों की सदियों से दिखाई जानी इमिज को कोई चुनौती नहीं दी गई है। जबकि महिलाओं के तेजी से बदलते रोल पर मीडिया का काफी ध्यान फोकस रहा है।
हॉलिवुड की ज्यादातर फिल्मों में युवकों को प्ले बॉय के रूप में पेश किया जाता है, जो अपनी गर्लफ्रेंड या वाइफ से चीटिंग करने का बहाना ढूंढ़ते रहते हैं। लेकिन असलियत में ऐसा नहीं है। 56 प्रतिशत पुरुषों का मानना है कि अच्छा पति या पिता बनकर उन्हें अपने जिम्मारियों का वास्तविक रूप में एहसास हुआ है। 75 फीसदी पुरुषों ने यह स्वीकार किया कि अपनी गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप के बाद उनका दिल टूट गया था और वह काफी रोए थे। 57 फीसदी लोगों ने कहा कि वह टाइम मिलने पर घर पर खाना भी पकाते हैं। उनको यह काफी अच्छा लगता है।
क्या आप खालिस मर्द हैं?
क्या आपका अभी तक यह मानना हैं कि पुरुष केवल हैंडसम दिखने और इधर से उधर घूमने में यकीन रखते हैं, तो शायद इन सर्वे के नतीजों को देखने के बाद आपकी सोच बदल जाए।
-77 फीसदी पुरुष ऐसी लड़की को अपनी गर्लफ्रेंड बनाना पसंद करेंगे, जिससे वह आगे चलकर शादी कर सकें।
- 75 फीसदी पुरुष अपनी गर्लफ्रेंड या पत्नी से बेइंतहा प्यार करते हैं।
-77 फीसदी पुरुषों ने माना कि अपनी पहली गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप होने के बाद वह फूट-फूट कर रोए थे।
- 69 फीसदी पुरुषों का कहना है कि वह कभी अपने पार्टनर को धोखा नहीं देंगे।
- 57 फीसदी मेल्स को खाना पकाने में मजा आता है।
- 56 प्रतिशत पुरुषों का मानना है कि पति या पिता बनने के बाद उनमें जिम्मेदारी की भावना आई है।