lampat
22nd July 2008, 08:19 AM
http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/3261418.cms
भीख मांग-मांगकर बन गया लखपती
22 Jul 2008, 0049 hrs IST,टाइम्स न्यूज नेटवर्क
अजमेरः भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी मोहम्मद जाकिर ने यूं तो मजबूरी में भीख मांगना शुरू किया था लेकिन अपनी चतुराई के बल पर उसने इसे करियर के एक विकल्प के रूप में चुन लिया।
42 साल का जाकिर दो दशक से भी ज्यादा समय तक भारत के अलग-अलग शहरों में भीख मांगता रहा। पर आज उसे बांग्लादेश में एक रईस शख्स माना जाता है। अक्सर बांग्लादेश की यात्रा पर जाते रहने के कारण जाकिर भारतीय जांच एजेंसियों की नजर में आ गया। एजेंसियों का दावा है कि जाकिर के पास बांग्लादेश में लगभग 75 लाख रुपये की संपत्ति है। जाकिर 1986 में बेनापुरा भारत-बांग्लादेश सीमा से अवैध तरीके से भारत आया था।
दोनों हाथ से लाचार जाकिर को तब भीख मांगने का रास्ता सूझा। इसके बाद तो उसने कई साल तक मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया के नजदीक की गलियों में भीख मांगना शुरू कर दिया। भीख से जुटाए बेहिसाब धन से न सिर्फ उसके परिवार का पोषण हुआ बल्कि वह भी बच गया। अजमेर में पुलिस द्वारा पूछताछ के दौरान जाकिर ने बताया कि मैंने मुंबई में काफी धन कमाया। भारतीय विकलांगों के प्रति काफी सहानुभूति रखते हैं। एक आदमी ने तो मुझे 1100 रुपये तक भीख में दिए थे। जाकिर को शनिवार रात गिरफ्तार किया गया था। बताया जाता है कि जाकिर बांग्लादेश के मोहम्मदपुरा जिला निवासी मोहम्मद अली का बेटा है। जाकिर ने बताया कि मेरी कमाई इतनी अच्छी थी कि मैं एक किशोर लड़की नसीमा से शादी कर पाया। शादी के बाद मैंने मूर्तिनगर में एक मकान खरीदा और वहीं पर घर बसाया। जाकिर के 5 बच्चे हैं जिनमें से 4 लड़कियां हैं। नसीमा बच्चों के साथ आखिरकार दिल्ली चली गई। न जाने कैसे लोगों का दिल बदला और उनकी सहानुभूति भी कम होती गई। दो साल पहले मैंने मुंबई छोड़ दिया और उर्स के लिए अजमेर चला आया। यह मेरे लिए सही फैसला साबित हुआ।
भीख मांग-मांगकर बन गया लखपती
22 Jul 2008, 0049 hrs IST,टाइम्स न्यूज नेटवर्क
अजमेरः भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी मोहम्मद जाकिर ने यूं तो मजबूरी में भीख मांगना शुरू किया था लेकिन अपनी चतुराई के बल पर उसने इसे करियर के एक विकल्प के रूप में चुन लिया।
42 साल का जाकिर दो दशक से भी ज्यादा समय तक भारत के अलग-अलग शहरों में भीख मांगता रहा। पर आज उसे बांग्लादेश में एक रईस शख्स माना जाता है। अक्सर बांग्लादेश की यात्रा पर जाते रहने के कारण जाकिर भारतीय जांच एजेंसियों की नजर में आ गया। एजेंसियों का दावा है कि जाकिर के पास बांग्लादेश में लगभग 75 लाख रुपये की संपत्ति है। जाकिर 1986 में बेनापुरा भारत-बांग्लादेश सीमा से अवैध तरीके से भारत आया था।
दोनों हाथ से लाचार जाकिर को तब भीख मांगने का रास्ता सूझा। इसके बाद तो उसने कई साल तक मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया के नजदीक की गलियों में भीख मांगना शुरू कर दिया। भीख से जुटाए बेहिसाब धन से न सिर्फ उसके परिवार का पोषण हुआ बल्कि वह भी बच गया। अजमेर में पुलिस द्वारा पूछताछ के दौरान जाकिर ने बताया कि मैंने मुंबई में काफी धन कमाया। भारतीय विकलांगों के प्रति काफी सहानुभूति रखते हैं। एक आदमी ने तो मुझे 1100 रुपये तक भीख में दिए थे। जाकिर को शनिवार रात गिरफ्तार किया गया था। बताया जाता है कि जाकिर बांग्लादेश के मोहम्मदपुरा जिला निवासी मोहम्मद अली का बेटा है। जाकिर ने बताया कि मेरी कमाई इतनी अच्छी थी कि मैं एक किशोर लड़की नसीमा से शादी कर पाया। शादी के बाद मैंने मूर्तिनगर में एक मकान खरीदा और वहीं पर घर बसाया। जाकिर के 5 बच्चे हैं जिनमें से 4 लड़कियां हैं। नसीमा बच्चों के साथ आखिरकार दिल्ली चली गई। न जाने कैसे लोगों का दिल बदला और उनकी सहानुभूति भी कम होती गई। दो साल पहले मैंने मुंबई छोड़ दिया और उर्स के लिए अजमेर चला आया। यह मेरे लिए सही फैसला साबित हुआ।