vrfrendz
28th November 2007, 04:04 PM
मुशर्रफ़ वर्दी उतारकर लेंगे शपथ
मुशर्रफ़ का राष्ट्रपति के तौर पर दूसरा कार्यकाल होगा
पाकिस्तान में परवेज़ मुशर्रफ़ राष्ट्रपति पद पर अपने दूसरे कार्यकाल के लिए 29 नवंबर को शपथ लेंगे और इससे पहले वे अपना सैनिक ओहदा छोड़ देंगे.
पाकिस्तानी राष्ट्रपति के प्रवक्ता मेजर जनरल राशिद कुरैशी ने बीबीसी से विशेष बातचीत में कहा कि शपथ ग्रहण से पहले मंगलवार और बुधवार को वे सेनाध्यक्ष के रुप में फेयरवेल पार्टियों में जाएँगे.
जब उनसे पूछा गया कि परवेज़ मुशर्रफ़ सेनाध्यक्ष का ओहदा कब छोड़ेंगे, शपथ ग्रहण वाले दिन या उससे पहले, इसके जवाब में उनके प्रवक्ता ने कहा, "शपथ लेने से पहले वे हैंडओवर (सेनाध्यक्ष के पद का) करेंगे, नए आर्मी चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ बनेंगे और उसके बाद वे सिविलियन प्रेसीडेंट के रूप में शपथ लेंगे."
शपथ लेने से पहले वे हैंडओवर करेंगे, नए आर्मी चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ बनेंगे और उसके बाद वे सिविलियन प्रेसीडेंट के रूप में शपथ लेंगे
परवेज़ मुशर्रफ़ के प्रवक्ता
जनरल कुरैशी ने कहा, "जिस वक़्त जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ अपना चीफ़ ऑफ़ आर्मी स्टाफ का ओहदा छोड़ेंगे उस वक़्त से जनरल अशफ़ाक कियानी सेनाध्यक्ष बन जाएँगे. इसके अगल दिन मुशर्रफ़ साहब एक सिविलयन प्रेसीडेंट के तौर पर शपथ लेंगे."
जब राष्ट्रपति के प्रवक्ता से पूछा गया कि क्या वे शपथ लेने के बाद इमरजेंसी हटाने का इरादा रखते हैं तो इसके जवाब जनरल कुरैशी ने कहा, "अभी इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता, जब वक़्त आएगा तो इसके बारे में फ़ैसला किया जाएगा, मुशर्रफ़ साहब पहले ही कह चुके हैं कि जब हालात ऐसे होंगे कि इमरजेंसी की ज़रूरत न हो, तो इमरजेंसी हटा ली जाएगी."
पाकिस्तान में आठ जनवरी को होने वाले संसदीय चुनाव के लिए विपक्षी नेताओं बेनज़ीर भुट्टो और नवाज़ शरीफ़ ने नामांकन दाख़िल कर दिया है.
वापसी
नवाज़ शरीफ़ का विमान रविवार रात लाहौर हवाई अड्डे पर उतरा. सऊदी अरब से उनके साथ उनकी पत्नी कुलसुम नवाज़ और भाई शाहबाज़ शरीफ़ भी आए हैं.
उन्होंने बीबीसी के साथ विशेष बातचीत में कहा, "हम देश में क़ानून का शासन चाहते हैं. हमें जम्हूरियत चाहिए और कुछ नहीं."
नवाज़ शरीफ़ का कहना था, "ये मेरी ज़िंदगी का बेहतरीन लम्हा है. मैं उन लोगों का शुक्रगुजार हूँ जिन्होंने मेरा साथ दिया."
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि वो 1977 के संविधान की बहाली के लिए काम करेंगे.
उन्होंने स्पष्ट किया कि वो बदले की राजनीति के तहत आगे नहीं बढ़ेंगे. इस सवाल पर कि क्या वो जनरल मुशर्रफ़ के साथ मिल कर काम करेंगे तो उनका कहना था, "हमारा एजेंडा उनसे अलग है."
Taken from /http://www.bbc.co.uk/hindi/regionalnews/story/2007/11/071126_musharraf_oath.shtml
I have only one question, Vardi ke andar kuchh pahna hai ke nahin?? :tongue: varna poori duniya ko 'hakeekat' pata chal jayegi!!!!!!!
मुशर्रफ़ का राष्ट्रपति के तौर पर दूसरा कार्यकाल होगा
पाकिस्तान में परवेज़ मुशर्रफ़ राष्ट्रपति पद पर अपने दूसरे कार्यकाल के लिए 29 नवंबर को शपथ लेंगे और इससे पहले वे अपना सैनिक ओहदा छोड़ देंगे.
पाकिस्तानी राष्ट्रपति के प्रवक्ता मेजर जनरल राशिद कुरैशी ने बीबीसी से विशेष बातचीत में कहा कि शपथ ग्रहण से पहले मंगलवार और बुधवार को वे सेनाध्यक्ष के रुप में फेयरवेल पार्टियों में जाएँगे.
जब उनसे पूछा गया कि परवेज़ मुशर्रफ़ सेनाध्यक्ष का ओहदा कब छोड़ेंगे, शपथ ग्रहण वाले दिन या उससे पहले, इसके जवाब में उनके प्रवक्ता ने कहा, "शपथ लेने से पहले वे हैंडओवर (सेनाध्यक्ष के पद का) करेंगे, नए आर्मी चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ बनेंगे और उसके बाद वे सिविलियन प्रेसीडेंट के रूप में शपथ लेंगे."
शपथ लेने से पहले वे हैंडओवर करेंगे, नए आर्मी चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ बनेंगे और उसके बाद वे सिविलियन प्रेसीडेंट के रूप में शपथ लेंगे
परवेज़ मुशर्रफ़ के प्रवक्ता
जनरल कुरैशी ने कहा, "जिस वक़्त जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ अपना चीफ़ ऑफ़ आर्मी स्टाफ का ओहदा छोड़ेंगे उस वक़्त से जनरल अशफ़ाक कियानी सेनाध्यक्ष बन जाएँगे. इसके अगल दिन मुशर्रफ़ साहब एक सिविलयन प्रेसीडेंट के तौर पर शपथ लेंगे."
जब राष्ट्रपति के प्रवक्ता से पूछा गया कि क्या वे शपथ लेने के बाद इमरजेंसी हटाने का इरादा रखते हैं तो इसके जवाब जनरल कुरैशी ने कहा, "अभी इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता, जब वक़्त आएगा तो इसके बारे में फ़ैसला किया जाएगा, मुशर्रफ़ साहब पहले ही कह चुके हैं कि जब हालात ऐसे होंगे कि इमरजेंसी की ज़रूरत न हो, तो इमरजेंसी हटा ली जाएगी."
पाकिस्तान में आठ जनवरी को होने वाले संसदीय चुनाव के लिए विपक्षी नेताओं बेनज़ीर भुट्टो और नवाज़ शरीफ़ ने नामांकन दाख़िल कर दिया है.
वापसी
नवाज़ शरीफ़ का विमान रविवार रात लाहौर हवाई अड्डे पर उतरा. सऊदी अरब से उनके साथ उनकी पत्नी कुलसुम नवाज़ और भाई शाहबाज़ शरीफ़ भी आए हैं.
उन्होंने बीबीसी के साथ विशेष बातचीत में कहा, "हम देश में क़ानून का शासन चाहते हैं. हमें जम्हूरियत चाहिए और कुछ नहीं."
नवाज़ शरीफ़ का कहना था, "ये मेरी ज़िंदगी का बेहतरीन लम्हा है. मैं उन लोगों का शुक्रगुजार हूँ जिन्होंने मेरा साथ दिया."
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि वो 1977 के संविधान की बहाली के लिए काम करेंगे.
उन्होंने स्पष्ट किया कि वो बदले की राजनीति के तहत आगे नहीं बढ़ेंगे. इस सवाल पर कि क्या वो जनरल मुशर्रफ़ के साथ मिल कर काम करेंगे तो उनका कहना था, "हमारा एजेंडा उनसे अलग है."
Taken from /http://www.bbc.co.uk/hindi/regionalnews/story/2007/11/071126_musharraf_oath.shtml
I have only one question, Vardi ke andar kuchh pahna hai ke nahin?? :tongue: varna poori duniya ko 'hakeekat' pata chal jayegi!!!!!!!